बिलासपुर की सियासत और सनसनीखेज आरोपों के बीच वार्ड नंबर 3 से सामने आया दैहिक शोषण का मामला अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। पार्षद पति रिंकू उर्फ राजेंद्र टंडन के खिलाफ दर्ज एफआईआर के बाद अब उनके परिजनों ने पलटवार करते हुए शिकायतकर्ता महिला और उसके परिवार पर ही ब्लैकमेलिंग और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप जड़ दिए हैं।
🔥 एफआईआर के बाद पलटवार


साईं नगर उस्लापुर अमेरी निवासी रिंकू टंडन के परिजन सीधे एसएसपी रजनेश सिंह के दफ्तर पहुंचे। उन्होंने दस्तावेजों का पुलिंदा सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उनका दावा है कि यह मामला दैहिक शोषण का नहीं, बल्कि पैसों के लिए रची गई साजिश है।
💔 “सहमति से संबंध” का दावा

परिजनों का कहना है कि शिकायतकर्ता महिला, जो वार्ड में किराना दुकान संचालित करती थी, और रिंकू टंडन के बीच लंबे समय तक सहमति से संबंध रहे। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और वे कई बार शहर से बाहर भी साथ गए।
परिवार का आरोप है कि बाद में महिला, उसके पति और साली ने मिलकर रिंकू टंडन पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। कथित तौर पर “लोकलाज और पारिवारिक प्रतिष्ठा” बचाने के लिए टंडन ने कई बार ऑनलाइन पैसे भी ट्रांसफर किए।
💰 50 लाख की मांग का आरोप
परिजनों के मुताबिक, जनवरी के दूसरे सप्ताह में महिला और उसके परिजनों ने रिंकू टंडन को घर बुलाकर 50 लाख रुपये की मांग की। रकम नहीं देने पर थाना सकरी में छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई गई, जो आगे चलकर गंभीर धाराओं में तब्दील हो गई।
📱 “चैट, ट्रांजैक्शन और तस्वीरें” सौंपे जाने का दावा

परिवार का दावा है कि उनके पास व्हाट्सएप चैट, ऑनलाइन लेन-देन के रिकॉर्ड और कई निजी तस्वीरें हैं, जो दोनों के बीच संबंधों की प्रकृति को दर्शाती हैं। ये सभी दस्तावेज एसएसपी कार्यालय में जमा करा दिए गए हैं।
⚖️ अब जांच की दिशा क्या होगी?

मामला अब दोतरफा आरोप-प्रत्यारोप में बदल चुका है। एक ओर दैहिक शोषण की एफआईआर, दूसरी ओर ब्लैकमेलिंग और धोखाधड़ी का आरोप। पुलिस के सामने चुनौती है कि सबूतों और तथ्यों के आधार पर सच्चाई तक पहुंचे।फिलहाल शहर में यह मामला चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है। अब सबकी नजर पुलिस जांच और आगामी कानूनी कार्रवाई पर टिकी है।

