छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठित CGPSC परीक्षा में इस बार नया इतिहास लिखा गया है। बिलासपुर की दिल्ली IAS एकेडमी ने ऐसा रिकॉर्ड बनाया है जिसकी चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है। कुल 246 पद, और इनमें से 153 चयन सिर्फ एक संस्थान से! सबसे बड़ी बात प्रदेश टॉपर देवेश प्रसाद साहू भी इसी संस्थान के क्लासरूम छात्र रहे। इतने भारी-भरकम रिज़ल्ट ने इस कोचिंग संस्थान को प्रदेशभर की सुर्खियों में ला दिया है।

बिलासपुर का दिल्ली IAS एकेडमी परिसर…
जहाँ आज सिर्फ जश्न, मुस्कान और नई उम्मीदें दिखाई दे रही हैं। CGPSC-2024 के नतीजे आए…और इन्हीं परिणामों ने इस संस्थान का नाम नई ऊँचाइयों पर पहुँचा दिया। 246 में से 153 चयन यह अब तक का किसी भी संस्थान का सबसे बड़ा रिज़ल्ट टॉप-10 में 7 विद्यार्थी
डिप्टी कलेक्टर के 7 में से 6 चयन DSP के 21 में से 13 चयन ये आंकड़े सिर्फ नंबर नहीं…ये मेहनत, दिशा और अनुशासन का बड़ा प्रमाण हैं। सम्मान समारोह में हजारों विद्यार्थियों की मौजूदगी…हर चेहरा उत्साह से भरा…और मंच पर खड़े वे युवा, जिन्हें अब प्रशासनिक सेवा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभानी हैं।


प्रदेश टॉपर देवेश साहू सरल, शांत, और बेहद विनम्र…माइक पर आते हैं और कहते हैं लंबी तैयारी में पढ़ाई जितनी ज़रूरी है, उतना ही मानसिक और शारीरिक संतुलन भी।” संस्थापक सौरभ चतुर्वेदी ने बताया यह सफलता टीमवर्क, अनुशासन और विद्यार्थियों की अनवरत मेहनत का परिणाम है। हमारा लक्ष्य छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना है।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसईसीएल के वरिष्ठ अधिकारी हिमांशु जैन ने कहा इन युवा अधिकारियों से राज्य को बहुत उम्मीदें हैं। अपने दायित्वों को ईमानदारी से निभाएँ।

मुख्य निदेशक विद्या चतुर्वेदी ने बताया कि विद्यार्थियों के रचनात्मक विकास के लिए “वॉल ऑफ़ क्रिएटिविटी” बनाई गई है, जल्द ही स्पेशल मेंटरशिप प्रोग्राम शुरू किया जाएगा, जिसमें छात्रों को प्रतिदिन 6–8 घंटे संस्थान में अभ्यास कराया जाएगा। कार्यकारी निदेशक ई. नवनीत सिंह राठौर ने कहा “PSC राज्य की सबसे कठिन परीक्षा है। बिना सही मार्गदर्शन तैयारी शुरू करना जोखिम लेने जैसा है।” दिल्ली IAS एकेडमी लगातार विषय-विश्लेषण और शोध पर काम करती है। संस्थापक सौरभ चतुर्वेदी ने बताया यह सफलता टीमवर्क, सही दिशा और विद्यार्थियों की अनवरत मेहनत का परिणाम है। हमारा लक्ष्य आने वाले वर्षों में और अधिक युवाओं को शीर्ष पदों पर पहुँचाना है, ताकि छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बनाए।”

