धान खरीदी घोटाला: रिपोर्ट दबाने के बदले 35 हजार की रिश्वत, नायब तहसीलदार-पटवारी एसीबी के हत्थे चढ़े।

बिलासपुर/जांजगीर।
इस बार की धान खरीदी किसानों के लिए शुरुआत से अंत तक परेशानी और फजीहत का सबब बनी रही। सरकार ने 4 और 5 फरवरी तक दो दिन की मोहलत दी, लेकिन जाते-जाते भी सिस्टम की सड़ांध सामने आ गई। धान खरीदी में लापरवाही का डर दिखाकर रिपोर्ट ऊपर न भेजने के नाम पर रिश्वत वसूली का सनसनीखेज मामला सामने आया है।

एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने जांजगीर जिले के पामगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चोरभट्टी के धान उपार्जन केंद्र से जुड़े मामले में अतिरिक्त तहसीलदार करुणा आहेर और पटवारी आयुष कुमार ध्रुव को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
मिली जानकारी के अनुसार चोरभट्टी धान उपार्जन केंद्र के प्रभारी धीरेन्द्र कुमार कौशिक ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि निरीक्षण के बाद अतिरिक्त तहसीलदार ने धान खरीदी में लापरवाही का हवाला देते हुए पंचनामा बनाया और इसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजने की धमकी दी। रिपोर्ट दबाने और मामले को रफा-दफा करने के बदले 30 से 40 हजार रुपये की मांग की गई।

शिकायत के मुताबिक सौदेबाज़ी के लिए पटवारी आयुष ध्रुव को आगे किया गया और मोलभाव के बाद 35 हजार रुपये में डील फाइनल हो गई। शिकायत की पुष्टि के बाद एसीबी ने बुधवार 4 फरवरी को ट्रैप की कार्रवाई की।
जैसे ही शिकायतकर्ता द्वारा लाई गई रिश्वत की रकम अतिरिक्त तहसीलदार के इशारे पर पटवारी को सौंपी गई, पहले से घात लगाए एसीबी की टीम ने दोनों को मौके पर ही धर दबोचा। एसीबी के अनुसार पूरी रिश्वत राशि पटवारी आयुष ध्रुव के कब्जे से बरामद की गई है।

एसीबी ने इस पूरे मामले को निरीक्षण की आड़ में भयादोहन और अवैध उगाही करार दिया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत कार्रवाई की गई है।
धान खरीदी की अव्यवस्था, किसानों की परेशानी और अब अफसरों की रिश्वतखोरी—यह मामला एक बार फिर सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *